10 अक्टूबर 2026 उज्जैन · मध्यप्रदेश
दृष्टि इंडिया न्यूज़ DRISHTI INDIA NEWS · उज्जैन सब्सक्राइब
ब्रेकिंग
ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940

अजा एकादशी 2026: नौकरीपेशा लोग ऐसे करें पूजा, राहुकाल का भी रखें ध्यान

7 सितंबर 2026 17 1 मिनट
अजा एकादशी 2026: नौकरीपेशा लोग ऐसे करें पूजा, राहुकाल का भी रखें ध्यान

साल 2026 में अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर को है, नौकरीपेशा लोगों के लिए पूजा का सही समय जानना ज़रूरी है।

साल 2026 में अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर, सोमवार को रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। हालांकि, इस बार नौकरीपेशा लोगों के सामने एक बड़ी चुनौती है कि वे सुबह ऑफिस जाने से पहले कैसे पूजा-पाठ करें, क्योंकि सुबह राहुकाल भी रहेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है। लेकिन, समय के अभाव में सही विधि से पूजा करना अक्सर मुश्किल हो जाता है।

अजा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त

अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को है। इस दिन सुबह 07:36 बजे से राहुकाल शुरू हो जाएगा, जो सुबह 09:09 बजे तक चलेगा। ऐसे में जो लोग ऑफिस जाने वाले हैं, उन्हें राहुकाल शुरू होने से पहले ही अपनी पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए।

पूजा के लिए सबसे शुभ समय सुबह 05:00 बजे से 07:30 बजे तक का रहेगा। इस अवधि में भगवान विष्णु की आराधना करना फलदायी माना जाता है।

कैसे करें पूजा-पाठ?

सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं।

भगवान को पीले वस्त्र, पीले फूल, चंदन, अक्षत और तुलसी दल अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती करें और एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। अंत में भगवान से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • अजा एकादशी व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को है।
  • राहुकाल सुबह 07:36 बजे से 09:09 बजे तक रहेगा।
  • नौकरीपेशा लोग सुबह 05:00 बजे से 07:30 बजे के बीच पूजा करें।
  • भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
  • व्रत कथा का पाठ करना और आरती करना शुभ होता है।
  • इस व्रत से पापों का नाश होता है और मोक्ष मिलता है।

व्रत का महत्व और लाभ

अजा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यह व्रत सभी प्रकार के कष्टों को दूर करता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती।

जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उनके लिए भी यह व्रत विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन दान-पुण्य करने का भी विशेष महत्व है।

निष्कर्ष

अजा एकादशी का व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नौकरीपेशा लोगों को समय का ध्यान रखते हुए राहुकाल से पहले ही अपनी पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए। इससे उन्हें व्रत का पूरा फल प्राप्त होगा और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहेगी। यह व्रत जीवन में शांति और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है।

ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940
ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940