Indira Ekadashi 2026: 4 दुर्लभ शुभ योगों में इंदिरा एकादशी, पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
पितरों को मोक्ष दिलाने वाली इंदिरा एकादशी पर 4 दुर्लभ शुभ योग बन रहे हैं, लाभ-उन्नति मुहूर्त में पूजा का विशेष महत्व रहेगा।
पितृ पक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी 2026 को लेकर इस बार श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। इस पावन तिथि पर 4 अत्यंत दुर्लभ और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितरों को मोक्ष दिलाने वाली यह एकादशी बेहद कल्याणकारी मानी गई है। इस दिन सही समय पर आराधना करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।
शुभ योग और तिथि का महत्व
पंचांग की गणना के अनुसार इस वर्ष की इंदिरा एकादशी पर 4 विशेष शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं। इन शुभ मुहूर्तों में की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़ जाता है।
पितृ पक्ष में इस व्रत का आना अपने आप में बेहद फलदायी माना गया है। ऐसे समय में इन चार विशिष्ट योगों का निर्माण पूजा की महत्ता को और अधिक बढ़ा रहा है।
लाभ-उन्नति मुहूर्त में होगी पूजा
एकादशी के दिन लाभ और उन्नति के चौघड़िया मुहूर्त में पूजन करना सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है। इस समय श्रीहरि की उपासना करने से परिवार में समृद्धि आती है।
शास्त्रों के अनुसार विशेष शुभ काल में की गई आराधना से पितरों का आशीर्वाद सहज ही प्राप्त होता है। इसी कारण भक्त पूजा के सटीक समय का ध्यान रख रहे हैं।
मुख्य बातें एक नज़र में
- इंदिरा एकादशी 2026 पर बन रहे हैं कुल 4 दुर्लभ शुभ योग।
- यह व्रत पितृ पक्ष के दौरान पितरों की सद्गति और मोक्ष के लिए रखा जाता है।
- लाभ-उन्नति के विशेष मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्तम फलदायी माना गया है।
- श्रीहरि की कृपा प्राप्ति के लिए इस तिथि को बेहद फलदायी माना जाता है।
- चारों शुभ संयोगों के समय आराधना करने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता है।
हरि कृपा और मोक्ष की मान्यता
धार्मिक परंपरा में इंदिरा एकादशी 2026 का व्रत पूर्वजों की तृप्ति के लिए सबसे बड़ा साधन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन की गई साधना से श्रीहरि विष्णु की असीम कृपा बरसती है।
शुभ मुहूर्तों के इस अद्भुत संयोग में की गई भक्ति से परिवार के पितरों को सद्गति मिलती है और घर में सुख-शांति का स्थायी वास होता है।





