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NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब कंप्यूटर पर होगी परीक्षा, नकल रोकने की तैयारी

14 सितंबर 2026 8 1 मिनट
NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव: अब कंप्यूटर पर होगी परीक्षा, नकल रोकने की तैयारी

NEET की परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित होगी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है, जिससे नकल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET अब कंप्यूटर आधारित (CBT) होने जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने रविवार को इस बड़े बदलाव की जानकारी दी। यह फैसला परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और नकल की संभावनाओं को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस परिवर्तन से छात्रों को आधुनिक परीक्षा पद्धति का अनुभव मिलेगा, जैसा कि कई अन्य प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में पहले से ही होता आ रहा है। यह कदम परीक्षा को और अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

तकनीकी बदलाव और तैयारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बदलाव को जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी में जुटी है। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर टास्क फोर्स भी काम कर रही है। यह टास्क फोर्स कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के सभी पहलुओं पर गहनता से विचार कर रही है।

इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसी मजबूत प्रणाली विकसित करना है जो न केवल परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करे, बल्कि उसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न छोड़े।

AI से नकल पर लगेगी लगाम

NTA महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि नई कंप्यूटर आधारित प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया जाएगा। AI तकनीक की मदद से परीक्षा के दौरान होने वाली नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सकेगी। यह तकनीक संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पहचान कर अधिकारियों को अलर्ट करेगी।

यह पहल JEE, SSC, CUET और NIFT जैसी परीक्षाओं में पहले से ही लागू कंप्यूटर आधारित प्रणाली की सफलता को देखते हुए की जा रही है। इन परीक्षाओं में भी AI और अन्य तकनीकी उपायों से नकल रोकने में काफी मदद मिली है।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • NEET परीक्षा अब कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी।
  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसकी पुष्टि की है।
  • नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है।
  • नकल रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग होगा।
  • यह बदलाव जल्द ही लागू किया जाएगा।
  • JEE, SSC, CUET जैसी परीक्षाएं पहले से ही CBT मोड में हैं।
  • उद्देश्य: परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना।

छात्रों पर असर और आगे की राह

इस बदलाव से उन लाखों छात्रों को फायदा होगा जो हर साल NEET की परीक्षा देते हैं। कंप्यूटर आधारित परीक्षा से परिणाम जारी होने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, यह प्रणाली छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर होने वाली भीड़भाड़ और पेपर लीक जैसी समस्याओं से भी मुक्ति दिलाएगी।

शुरुआती दौर में छात्रों को कंप्यूटर पर परीक्षा देने का अभ्यास करने की आवश्यकता होगी, जिसके लिए NTA मॉक टेस्ट और अभ्यास सामग्री उपलब्ध करा सकती है। यह कदम देश में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश परीक्षाओं को नई दिशा देगा।

निष्कर्ष

NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाना एक दूरगामी फैसला है जो भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिकता की ओर ले जाएगा। नकल पर AI आधारित नियंत्रण और पारदर्शी प्रक्रिया से योग्य छात्रों को उनका हक मिल पाएगा। यह बदलाव न केवल परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, बल्कि लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य को भी सुरक्षित करेगा।

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