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Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? सही तिथि जानें

12 अक्टूबर 2026 54 1 मिनट
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? सही तिथि जानें

शरद पूर्णिमा की सही तिथि को लेकर संशय बरकरार है। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, खीर का भोग लगाने का सटीक समय और इस पर्व का धार्मिक महत्व।

धार्मिक पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है, जिसे Sharad Purnima 2026 के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा की सही तिथि को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है कि व्रत और पूजा 25 अक्टूबर को की जाए या 26 अक्टूबर को।

शरद पूर्णिमा का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए भी इसे खास माना गया है। आइए जानते हैं कि इस साल सही तिथि और पूजा के मुहूर्त को लेकर क्या स्थिति है।

शरद पूर्णिमा 2026: तिथि और संशय

पंचांग गणना के अनुसार शरद पूर्णिमा तिथि को लेकर स्पष्टता होना आवश्यक है ताकि व्रत और अनुष्ठान सही समय पर किए जा सकें। 25 और 26 अक्टूबर में से सही दिन का चुनाव करने के लिए पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि के प्रारंभ और समापन समय को समझना जरूरी है।

पूजा और खीर भोग का महत्व

शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों का विशेष प्रभाव माना जाता है। इस दिन खीर का भोग लगाने की परंपरा है। खीर को रात भर चांदनी में रखने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। माना जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करते हैं।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • शरद पूर्णिमा आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है।
  • तिथि को लेकर 25 और 26 अक्टूबर के बीच संशय की स्थिति है।
  • खीर का भोग लगाना इस पर्व का सबसे प्रमुख अनुष्ठान है।
  • चंद्रमा की किरणों में खीर रखने से स्वास्थ्य लाभ की मान्यता है।
  • पूजा के शुभ मुहूर्त का पालन करना धार्मिक रूप से फलदायी माना गया है।

धार्मिक मान्यता और आगे क्या

शरद पूर्णिमा का पर्व समृद्धि और शांति का प्रतीक है। इस दिन लोग अपने घरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। सही तिथि का निर्धारण करने के बाद, श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न कर सकते हैं। यह त्योहार ऋतु परिवर्तन के साथ जुड़ा है, जो शरद ऋतु के आगमन का संकेत देता है।

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