बाढ़ का कहर: यूपी में 6 नदियां खतरे के निशान पार, बिहार में 466 गांव डूबे
उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि बिहार के 466 गांव जलमग्न हो चुके हैं।
उत्तर भारत के राज्यों में बाढ़ का कहर विकराल रूप लेता दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के पांच प्रमुख जनपदों में छह नदियां लाल निशान पार कर गई हैं, जिससे रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है। वहीं बिहार के 466 गांव सैलाब की चपेट में आ चुके हैं।
मैदानी इलाकों में जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो रही है। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में हालात ज्यादा बिगड़े हैं, जहां करीब 40 हजार मकानों में तीन-तीन फीट तक पानी जमा हो गया है।
उत्तर प्रदेश: छह नदियां उफान पर, पांच जिलों में संकट
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जलप्रवाह तेजी से बढ़ा है। राज्य की सरायन, कठना, छोटी सरयू, क्वानो, सई और रामगंगा नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं।
इन नदियों के उफनाने से सीतापुर, अंबेडकरनगर, गोंडा, लखनऊ और शाहजहांपुर जिलों के निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। स्थानीय बस्तियों में पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बिहार में सैलाब और छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि
बिहार में मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के कुल 466 गांव पानी के तेज बहाव और जलजमाव के घेरे में आ गए हैं।
दूसरी तरफ मौसम के बदले मिजाज के बीच छत्तीसगढ़ के दुर्ग और कोंडागांव जिलों में तेज ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- उत्तर प्रदेश में सरायन, कठना, छोटी सरयू, क्वानो, सई और रामगंगा नदियां लाल निशान से ऊपर।
- सीतापुर, अंबेडकरनगर, गोंडा, लखनऊ और शाहजहांपुर जिले जलभराव की चपेट में।
- लखनऊ के फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में तीन फीट तक भरा पानी।
- बिहार राज्य के 466 गांव सैलाब में घिरे।
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव और दुर्ग में गिरे ओले।
प्रभावित इलाकों में मौजूदा स्थिति
जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से प्रभावित जिलों के ग्रामीण और शहरी हिस्सों में संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। शाहजहांपुर और सीतापुर जैसे क्षेत्रों में नदियों के बढ़ते बहाव से तटवर्ती बस्तियां जलमग्न हैं।
फैजुल्लागंज में घरों के भीतर पानी ठहरने से लोग छतों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को विवश हैं। बिहार के ग्रामीण अंचलों में भी पानी का फैलाव जारी रहने से संकट गहराया हुआ है।





