उज्जैन-नलखेड़ा को 624 करोड़ की सौगात: सिंहस्थ से पहले क्या बदलेगा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नलखेड़ा में बगलामुखी देवी लोक का भूमि पूजन किया और उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की 539.18 करोड़ की परियोजनाएं शुरू कीं।
उज्जैन | सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन-नलखेड़ा कॉरिडोर पर काम तेज़ हो गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो जगह कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। दोनों परियोजनाओं की लागत मिलाकर 624 करोड़ रुपये से ज़्यादा बैठती है।
पहले आगर-मालवा के नलखेड़ा में मां बगलामुखी देवी लोक के पहले चरण का भूमि पूजन हुआ। इसके बाद उज्जैन में 539.18 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।
नलखेड़ा में क्या बनेगा
देवी लोक 55 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। पहले चरण की लागत 85.40 करोड़ रुपये है।
इसमें 108 फीट ऊंचा मंदिर शिखर, मंदिर कॉरिडोर और विशाल प्रांगण बनेगा। 220 यज्ञशालाएं, चार प्रवेश द्वार, गौशाला और पार्किंग भी योजना में हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसका उद्देश्य नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को ज़्यादा व्यवस्थित दर्शन की सुविधा देना है। साथ ही धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाना है।
सड़क संपर्क पर भी काम है। आमला से नलखेड़ा तक फोरलेन मार्ग का निर्माण शुरू होने की जानकारी दी गई। मंदिर के पास पुलिया का पुनर्निर्माण और बड़े पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है। आगर से सुसनेर होते हुए झालावाड़ तक बेहतर सड़क संपर्क की योजना है।
उज्जैन में 539.18 करोड़ के काम
उज्जैन के वाल्मीकि धाम में वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उज्जैन विकास प्राधिकरण की इन परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनमें सड़क चौड़ीकरण, क्षिप्रा नदी के पूर्वी हिस्से में मार्ग निर्माण और धार्मिक स्थलों के परिसर विकास शामिल हैं।
अंकपात चौराहे से खाक चौक होते हुए मंगलनाथ मंदिर तक सड़क चौड़ी करने पर 98.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे। क्षिप्रा के पूर्वी भाग में सड़क निर्माण की लागत 82.20 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक शक्कर वासा पंचकोशी मार्ग के चौड़ीकरण पर 36.75 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
मंदिर परिसर और प्रवेश द्वार
भूखी माता मंदिर परिसर के लिए 118.16 करोड़ रुपये की परियोजना है। इसमें प्रवेश प्रांगण, भोजनशाला, सेवा ब्लॉक और 207 वाहनों की पार्किंग होगी। 209 कुंडों वाली यज्ञशाला का भी प्रावधान है।
सिद्धवट मंदिर परिसर पर 14.58 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है। घाट क्षेत्र की प्रवेश-निकास व्यवस्था, पूजन हाल, पुजारी भवन, शौचालय और चेंजिंग सुविधा बनेगी। यहां 120 कारों और 10 बसों की पार्किंग रखी जाएगी।
अमृत द्वार पर समुद्र मंथन की कथा का शिल्पांकन होगा। इसकी लागत 19.50 करोड़ रुपये है और यह 120 फीट चौड़ी सड़क पर 44 फीट ऊंचा बनेगा। पांचजन्य द्वार 54 फीट ऊंचा होगा और उसकी लागत 21.65 करोड़ रुपये है। इसकी थीम भगवान श्रीकृष्ण के शंख पांचजन्य पर आधारित है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- नलखेड़ा में देवी लोक के पहले चरण का भूमि पूजन, लागत 85.40 करोड़ रुपये।
- देवी लोक 55 एकड़ में बनेगा, 108 फीट ऊंचे शिखर और 220 यज्ञशालाओं के साथ।
- उज्जैन में सिंहस्थ 2028 से जुड़ी 539.18 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू।
- भूखी माता मंदिर परिसर पर 118.16 करोड़ और सिद्धवट परिसर पर 14.58 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
- अमृत द्वार 44 फीट और पांचजन्य द्वार 54 फीट ऊंचा प्रस्तावित।
अब आगे क्या
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में कड़छा स्थित गुरु टेकचंद जी के समाधि स्थल और बालाजी नवग्रह मंदिर में भी दर्शन किए। अब नलखेड़ा में देवी लोक और उज्जैन में सड़क व परिसर विकास के काम ज़मीन पर उतरने हैं।





