त्र्यंबकेश्वर में आज 12:02 बजे फहरेगा धर्मध्वज, पहुंचे 10 अखाड़ों के संत
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ का धार्मिक शुभारंभ शनिवार दोपहर 12:02 बजे धर्मध्वजारोहण से होगा, जिसके लिए 10 संन्यासी अखाड़ों के संत त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं।
त्र्यंबकेश्वर | नासिक सिंहस्थ कुंभ का औपचारिक आरंभ आज होने जा रहा है। शनिवार, 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धर्मध्वज फहराया जाएगा। इसके लिए 10 संन्यासी अखाड़ों के शीर्ष संत, महामंडलेश्वर और पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंच गए हैं।
धर्मध्वज फहरते ही सिंहस्थ पर्व काल का औपचारिक शुभारंभ माना जाएगा। यही रस्म कुंभ की धार्मिक गतिविधियों के आरंभ का प्रतीक है।
मौके पर कौन-कौन पहुंचा
जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री और अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि पहुंच चुके हैं। निरंजनी अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी और आवाहन अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत सत्य गिरि भी मौजूद हैं।
बड़ा उदासीन अखाड़ा के भ्रमणशील मंडल के महंत दुर्गादास और आनंद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शंकरानंद भी त्र्यंबकेश्वर में हैं। सरस्वती एवं निर्मल अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत देवेंद्र और नया उदासीन अखाड़ा के महंत भगत राम भी पहुंचे हैं।
कौन कराएगा ध्वजारोहण, किसकी देखरेख में आयोजन
समारोह दक्षिण आम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठ के उत्तराधिकारी शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज के सानिध्य में होगा।
आयोजन पुरोहित संघ, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद और कुंभ मेला विकास प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। पूजा-अर्चना और धार्मिक विधियों के साथ धर्मध्वजा स्थापित की जाएगी।
मुख्य बातें एक नज़र में
- धर्मध्वज शनिवार, 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे फहराया जाएगा।
- 10 संन्यासी अखाड़ों के संत और पदाधिकारी त्र्यंबकेश्वर पहुंचे।
- समारोह शंकराचार्य स्वामी विधुशेखर भारती जी महाराज के सानिध्य में होगा।
- आयोजक: पुरोहित संघ, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद और कुंभ मेला विकास प्राधिकरण।
- 12 अगस्त 2027 से अमृत स्नान का क्रम शुरू होने की जानकारी है।
अब आगे क्या
धर्मध्वजारोहण के बाद कुंभ से जुड़ी आगामी धार्मिक तैयारियों और गतिविधियों को गति मिलेगी। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर मुख्य अमृत स्नान अगस्त-सितंबर 2027 में होने की जानकारी दी जा रही है, और 12 अगस्त 2027 से इसका क्रम शुरू होगा।





