देवउठनी ग्यारस पर MP में बाल विवाह पर सख्ती: प्रदेशभर में विशेष अभियान
देवउठनी ग्यारस 20 नवंबर को होने वाले सामूहिक विवाहों से पहले सरकार ने बाल विवाह रोकने को प्रदेशव्यापी अभियान तय किया, कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात होंगे।
भोपाल | बाल विवाह पर सख्ती के लिए सरकार ने प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाने का फ़ैसला किया है। वजह है 20 नवंबर को देवउठनी ग्यारस पर होने वाले सामूहिक विवाह आयोजन।
ग्राम और वार्ड स्तर पर सूचना दल बनेंगे। जिला और ब्लाक स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम काम करेंगे। जहाँ बाल विवाह की आशंका होगी, वहाँ उड़न दस्ते पहुँचकर निरीक्षण करेंगे।
मैदान में क्या-क्या इंतज़ाम होंगे
महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जीवी रश्मि ने बताया कि 20 नवंबर को ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों और पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे।
विवाह मुहूर्त से एक सप्ताह पहले स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के ज़रिए जागरूकता रैलियाँ निकलेंगी। स्वसहायता समूहों की महिलाएँ परिवारों से बात कर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणाम बताएँगी।
आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं, कोटवारों और पंचायत सचिवों के माध्यम से 18 वर्ष से कम आयु की अविवाहित किशोरियों की जानकारी जुटाई जाएगी। सूचना दलों में शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य रहेंगे।
कहाँ करें शिकायत
बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की अगुवाई में उड़न दस्ते सामूहिक विवाह स्थलों का निरीक्षण करेंगे। नागरिक सूचना दे सकेंगे:
- महिला हेल्पलाइन 181
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
- आपातकालीन सेवा 112
- बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत
अब आगे क्या
जिलों को रोके गए बाल विवाह और जागरूकता गतिविधियों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करना होगा। इसके साथ उन्हें कार्रवाई प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करना होगा।





