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देवास में 13 मौतें: AI से सीखी नकली शराब की तरकीब, 10 गिरफ्तार

28 अक्टूबर 2026 139 1 मिनट
देवास में 13 मौतें: AI से सीखी नकली शराब की तरकीब, 10 गिरफ्तार

देवास में 13 संदिग्ध मौतों के बाद पुलिस ने नकली शराब नेटवर्क पकड़ा; आरोपी अजय राठौर ने AI से तरीका सीखा, 10 गिरफ्तार, दो की तलाश जारी।

देवास | जिले में 13 लोगों की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस ने नकली शराब बनाने और बेचने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अजय राठौर ने AI की मदद से नकली शराब बनाने की तरकीब सीखी थी। इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

मौतों की असली वजह अभी साफ़ नहीं है। पुलिस ने मृतकों का विसरा, शराब की बोतलें और दूसरे साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं।

कैसे तैयार हुई नकली शराब

पुलिस जांच के मुताबिक अजय राठौर ने AI से तरीका जानने के बाद इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया। आरोप है कि कबाड़ियों से खरीदी गई पुरानी शराब की बोतलों में केमिकल और पानी मिलाकर नकली शराब बनाई गई।

इसे अलग से बेचने के बजाय लाइसेंसी दुकानों से जुड़ी सप्लाई में मिलाने की कोशिश हुई। असली शराब की पेटियों में नकली बोतलें रखकर गांवों तक पहुंचाई गईं।

पुलिस के मुताबिक नकली शराब 2 अक्टूबर से 6-7 अक्टूबर के बीच बनी। इसकी बिक्री का आरोप 7 से 12 अक्टूबर के बीच का है।

मौके पर कार्रवाई और गिरफ्तारियां

सिटी कोतवाली पुलिस को आठ आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस ने इंदौर के दवा बाजार में केमिकल सप्लाई से जुड़ा एक गोदाम सील किया है। यह गोदाम बाजार की चौथी मंजिल पर बताया गया है। एजेंसियां पता लगा रही हैं कि केमिकल कहां से खरीदा गया और किसने सप्लाई किया।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • देवास जिले में 13 लोगों की संदिग्ध मौत हुई।
  • मुख्य आरोपी अजय राठौर ने AI की मदद से नकली शराब बनाना सीखा।
  • अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार; आठ तीन दिन के रिमांड पर, दो जेल में।
  • इंदौर के दवा बाजार का एक गोदाम सील किया गया।
  • मृतकों का विसरा और बोतलें FSL जांच के लिए भेजी गईं।

जांच और अब आगे क्या

चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई मौतों की जांच के लिए उज्जैन संभागायुक्त ने समिति बनाई है। समिति ने गांवों में पहुंचकर मृतकों के परिजनों और प्रभावित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। उसे 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।

पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि नकली शराब किन दुकानों और गांवों तक पहुंची, और क्या सभी संदिग्ध मौतों का संबंध इसी शराब से था। अधिकारियों के मुताबिक मौतों की वजह FSL रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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