मोहन कैबिनेट: EOW को 345 करोड़, 12 जिले सूखा घोषित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में EOW के लिए 345 करोड़ और NVDA की चार योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये मंजूर हुए।
भोपाल | मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मोहन कैबिनेट बैठक हुई। दोपहर 12 बजे शुरू हुई बैठक में EOW के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। NVDA की चार योजनाओं को निरंतरता देने का फैसला भी हुआ।
बैठक खत्म होने के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी।
मंजूर हुई राशि और योजनाएं
EOW के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। नगरीय निकायों में 392 लोगों पर कार्रवाई हुई, जो AI और टेक्नोलॉजी की मदद से की गई।
NVDA की चार योजनाओं को निरंतरता देने की मंजूरी मिली। छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना की योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। नए जिलों के लिए प्रशासनिक मंजूरी से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय हुआ।
किसान और सूखा प्रभावित जिले
बैठक में किसान कल्याण वर्ष में हुए कामों का प्रेजेंटेशन दिया गया। 12 जिलों में अल्पवर्षा के मापदंडों पर चर्चा हुई। सरकार जिलेवार आकलन के आधार पर किसानों को सहायता देगी।
प्रदेश के 12 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की तैयारी है। इन जिलों में पीने के पानी के साथ किसानों पर भी सरकार का फोकस रहेगा।
दिवाली पर माटी कला को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में पहल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मिट्टी के दीये खरीदने और स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। मकसद पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देना और कुम्हारों की आजीविका को सहारा देना है। यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने से भी जुड़ी है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- EOW के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी
- छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना की NVDA योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये
- 12 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की तैयारी
- सेवा संकल्प अभियान में 1,345 सेवा शिविर और 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं
- मंत्रियों को प्रभार वाले जिलों में मिट्टी के दीयों को बढ़ावा देने के निर्देश
अब आगे क्या
सेवा संकल्प अभियान के तहत नमो सेवा नुक्कड़ टोली के जरिए भी जनसंपर्क अभियान चलाया गया। बीते दो सप्ताह में प्रदेश को कृषि, पोषण और पर्यटन क्षेत्र में पुरस्कार मिले, और बिजली हानि घटाने पर पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को भी पुरस्कार मिला।
31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर आयोजन होंगे और एक नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाएगा। 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के आयोजन की तैयारी चल रही है।





