उज्जैन में महाकाल के आंगन से दीपोत्सव शुरू: शुक्रवार को धनतेरस पूजन
उज्जैन में पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत महाकाल के आंगन से होगी। शुक्रवार को धनतेरस पर नंदी हाल में महापूजा और रुद्राभिषेक होगा।
उज्जैन | पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज़ इस बार भी भगवान महाकाल के दरबार से होगा। शुक्रवार को धनतेरस पर महाकाल मंदिर में धनतेरस पूजन परंपरा के मुताबिक विशेष पूजन-अभिषेक के साथ किया जाएगा।
पुजारी-पुरोहित भगवान महाकाल के साथ धन कुबेर और चांदी के सिक्कों की पूजा करेंगे। बाबा महाकाल को चांदी का सिक्का भी अर्पित किया जाएगा।
नंदी हाल में महापूजा, कौन होगा शामिल
मंदिर के नंदी हाल में सुबह करीब नौ बजे पुरोहित समिति महापूजा करेगी। यह आयोजन एक घंटे चलेगा।
वैभव, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ पहले गणपति और महालक्ष्मी का पूजन होगा। उसके बाद भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाएगा।
पुरोहित समिति के सदस्य लोकेश व्यास के अनुसार यह पूजन जनकल्याण और विश्व कल्याण की भावना से किया जाता है। कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा भी इसमें शामिल होंगे। उनके साथ करीब दो दर्जन पुजारी-पुरोहित मौजूद रहेंगे।
मुख्य बातें एक नज़र में
- शुक्रवार को धनतेरस पर महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजन-अभिषेक होगा।
- धन कुबेर और चांदी के सिक्कों का पूजन होगा, बाबा महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा।
- नंदी हाल में सुबह करीब नौ बजे एक घंटे की महापूजा होगी।
- गणपति-महालक्ष्मी पूजन के बाद पंचामृत और रुद्राभिषेक होगा।
- कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा पूजन में शामिल होंगे।
रूप चौदस से दीपावली तक मंदिर में क्या होगा
आठ नवंबर को रूप चौदस पर तड़के भस्म आरती में विशेष पूजन होगा। धनतेरस से दीपावली तक मंदिर में परंपरागत धार्मिक आयोजन चलते रहेंगे।
दीपावली पर पुजारी परिवार की महिलाएं भगवान महाकाल को उबटन लगाएंगी। इसके बाद बाबा का विशेष श्रृंगार होगा और गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीपमालाएं सजाई जाएंगी।





