सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन के दो बाजार मार्ग होंगे चौड़े, 15 दिन की मियाद
उज्जैन के पुराने शहर में 730 और 650 मीटर के दो मार्गों पर चौड़ीकरण तेज़ हुआ है, निगम आयुक्त ने तोड़ाई, नाली और बाउंड्रीवॉल के निर्देश दिए।
उज्जैन | पुराने शहर के बाजारों में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के तहत दो मार्गों पर सड़क चौड़ी करने का काम अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। बुधवार को निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने मौके पर जाकर काम देखा और समय-सीमा तय की।
अब मुख्य काम बाधक निर्माण हटाना और नालियां बनाना है। खजूर वाली मस्जिद वाले मार्ग पर कई भवनों के प्रभावित हिस्से अभी हटने बाकी हैं।
खजूर वाली मस्जिद मार्ग पर हालात
खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा और जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबा मार्ग 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इसमें प्रभावित भवनों के हिस्से हटाए जा रहे हैं।
आयुक्त ने तय मार्किंग के अनुसार शेष भवनों की तोड़ाई 15 दिन में पूरी करने को कहा। मलबा रात की शिफ्ट में उठाया जाएगा, ताकि दिन में बाजार और रहवासियों की आवाजाही न रुके।
हिस्से हटते ही नाली निर्माण शुरू करने के निर्देश हैं। आयुक्त ने कहा कि नाली के काम में देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही निर्माण के दौरान स्थानीय नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया है। कई नागरिकों ने खुद अपने भवनों के प्रभावित हिस्से हटाकर इस काम में सहयोग किया है।
महावीर मार्ग से तिलकेश्वर तक
गौतम मार्ग यानी महावीर मार्ग से तिलकेश्वर तक करीब 650 मीटर सड़क को 12 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। यहां नाली और बाउंड्रीवॉल बनाना चुनौती है।
आयुक्त ने मशीनरी और संसाधन बढ़ाकर काम तेज करने को कहा। नाली जल्द पूरी करने के साथ नई बाउंड्रीवॉल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मुख्य बातें एक नज़र में
- खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर मार्ग 15 मीटर चौड़ा होगा।
- शेष भवनों की तोड़ाई 15 दिन में पूरी करने के निर्देश हैं।
- मलबा रात की शिफ्ट में हटेगा।
- महावीर मार्ग से तिलकेश्वर तक करीब 650 मीटर सड़क 12 मीटर चौड़ी होगी।
- नाली और बाउंड्रीवॉल का काम प्राथमिकता पर होगा।
अब आगे क्या
दोनों मार्ग पुराने शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अहम हैं। चौड़ीकरण पूरा होने पर बाजार क्षेत्र में आवाजाही आसान होगी और सिंहस्थ के दौरान यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
अब एजेंसियों के सामने तय समय में तोड़ाई, नाली, सड़क और बाउंड्रीवॉल पूरी करने की चुनौती है। आयुक्त ने संबंधित एजेंसियों, कंसल्टेंट और टाटा कंपनी के प्रतिनिधियों को पर्याप्त संसाधन लगाकर गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने को कहा है।





