
उज्जैन | आगर रोड पर 592 करोड़ रुपए की लागत से मध्यप्रदेश की पहली मेडिसिटी और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह 14.97 एकड़ में बन रही है, जिसमें 550 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल और 6 हाई-राइज टावर होंगे। यह प्रोजेक्ट 2028 सिंहस्थ से पहले तैयार करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 नवंबर को 592 करोड़ रुपये स्वीकृत करते हुए मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज के निर्माण का भूमि पूजन किया था। इसके बाद से ही लगातार कार्य जारी है। मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज परिसर में 6 हाईराइज टावर बनाए जाएंगे। इसके अलावा टीचिंग
हॉस्पिटल भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। यह भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन आठ मंजिल बनाया जा रहा है। इसी तरह नर्स हॉस्टल, गर्ल
हॉस्टल सहित 14 मंजिल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, इतना ही नहीं रिसर्च और डेवलपमेंट की सुविधा भी यहां पर होगी। 550 बेड की क्षमता वाला अस्पताल का निर्माण
किया जा रहा है। इसमें 150 विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा में प्रदान की जाएगी। इसके अलावा महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग हॉस्टल, बॉयज हॉस्टल,
सर्विस ब्लॉक, लाइब्रेरी पार्किंग, जि नेशियम, फुट ओवर ब्रिज के सुविधा भी दी जा रही है। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में कई और नई तकनीक की सुविधा मिलेगी।