NEET SS कटऑफ में बड़ी राहत: 50 से घटाकर 30 पर्सेंटाइल, हजारों डॉक्टरों को मिलेगा मौका
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज ने NEET SS 2025 का कटऑफ 50 से घटाकर 30 पर्सेंटाइल कर दिया है, जिससे हजारों डॉक्टरों को सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हजारों डॉक्टरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET SS 2025 के लिए क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल को 50 से घटाकर 30 पर्सेंटाइल कर दिया है। इस फैसले से अब बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा, जो पहले कटऑफ के कारण वंचित रह जाते थे।
यह बदलाव स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ हुई चर्चा और देश में सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की कमी को देखते हुए लिया गया है। इस निर्णय से मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा दोनों क्षेत्रों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कटऑफ में बदलाव: क्या है नया नियम?
नए नियमों के अनुसार, अब जो भी उम्मीदवार अपने संबंधित क्वेश्चन पेपर ग्रुप में 30 पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगे, वे NEET SS 2025 काउंसलिंग के लिए पात्र माने जाएंगे। पहले यह सीमा 50 पर्सेंटाइल थी, जिसके कारण कई योग्य डॉक्टर भी प्रवेश से चूक जाते थे।
NBEMS ने अपनी आधिकारिक सूचना में यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इससे उन सभी उम्मीदवारों को सीधा लाभ मिलेगा जो इस साल परीक्षा में बैठे थे और कटऑफ कम होने का इंतजार कर रहे थे।
हजारों डॉक्टरों को मिलेगा प्रवेश का अवसर
इस फैसले का सबसे बड़ा असर यह होगा कि सुपर स्पेशियलिटी सीटों पर डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी। देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों, खासकर सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की भारी कमी है। इस कमी को पूरा करने में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
पिछले कुछ वर्षों से मेडिकल छात्रों और संगठनों द्वारा कटऑफ कम करने की मांग की जा रही थी, ताकि अधिक से अधिक डॉक्टर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश पा सकें। इस निर्णय को उन मांगों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- NEET SS 2025 का कटऑफ 50 से घटाकर 30 पर्सेंटाइल।
- नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने जारी की अधिसूचना।
- हजारों डॉक्टरों को सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश का मौका मिलेगा।
- यह बदलाव स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह पर किया गया है।
- सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की कमी को दूर करने में सहायक।
- काउंसलिंग के लिए अब 30 पर्सेंटाइल या अधिक अंक वाले पात्र।
स्वास्थ्य सेवाओं पर संभावित प्रभाव
विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से देश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की उपलब्धता कम है, वहां मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह कदम देश की स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मेडिकल कॉलेजों में भी सुपर स्पेशियलिटी सीटों के खाली रहने की समस्या अक्सर सामने आती थी, जो अब काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे मेडिकल शिक्षा संस्थानों का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।
निष्कर्ष
NEET SS 2025 के कटऑफ में की गई यह कटौती निश्चित रूप से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल अधिक डॉक्टरों को विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा, बल्कि देश भर में मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। आने वाले समय में इसके दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।





