रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: 11 महीने पुरानी FIR और 1 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ा केस
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में 11 महीने पुरानी FIR और 1 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का नया मोड़ सामने आया है, जिससे जांच की दिशा बदल गई।
पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के चर्चित कत्ल के मामले में अब एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। राकेश अग्रवाल हत्याकांड की पड़ताल के दौरान लगभग 11 महीने पहले दर्ज हुई एक प्राथमिकी से इस वारदात के तार जुड़ते दिख रहे हैं।
इस सनसनीखेज वारदात की तहकीकात कर रही पुलिस टीम अब पुराने विवादों और दस्तावेजी शिकायतों की पड़ताल को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है।
11 महीने पहले दर्ज हुई थी शिकायत
जांच के क्रम में सामने आया है कि करीब ग्यारह महीने पहले एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत में एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप शामिल था।
अब इस मर्डर केस के तार सीधे तौर पर उसी पुराने वित्तीय विवाद से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस पहलू के सामने आते ही मामले की प्राथमिक दिशा पूरी तरह बदल गई है।
1 करोड़ के वित्तीय विवाद का एंगल
हत्या की इस घटना के पीछे शुरुआती तौर पर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं। हालांकि, अब भारी भरकम रकम से जुड़े इस पुराने मामले को जांच के केंद्र में रखा गया है।
मामले से जुड़े इस बड़े वित्तीय विवाद के तथ्य सामने आने के बाद जांच अधिकारी इस बिंदु पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
मुख्य बातें एक नज़र में
- रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया।
- लगभग 11 महीने पहले दर्ज कराई गई एक पुरानी एफआईआर से केस का कनेक्शन निकला।
- पुरानी प्राथमिकी में एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज था।
- इस वित्तीय विवाद के सामने आने से हत्याकांड की जांच का दायरा बदल गया है।
- पूरे मामले में अब धोखाधड़ी से जुड़े पुराने पहलुओं को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
पड़ताल की बदली दिशा
हाई-प्रोफाइल मामले में इतनी बड़ी रकम के गबन या धोखे का तथ्य उजागर होने के बाद घटना के कारणों को नए नजरिए से देखा जा रहा है।
हत्याकांड के पीछे के मकसद को स्पष्ट करने के लिए अब इसी पुराने मामले के सभी बिंदुओं की कड़ियां आपस में जोड़ी जा रही हैं।





