संबल योजना 2.0: दुर्घटना में मौत पर परिवार को ₹4 लाख की मदद, जानें पात्रता और प्रक्रिया
मध्य प्रदेश सरकार की संबल योजना 2.0 के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये और सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
संबल योजना 2.0 के जरिए मध्य प्रदेश सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने की स्थिति में उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, सामान्य मृत्यु की स्थिति में पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है।
यह योजना राज्य के गरीब और असंगठित वर्ग के मजदूरी करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। संकट के समय में यह राशि सीधे लाभार्थी परिवार तक पहुँचाई जाती है ताकि उन्हें वित्तीय तंगी का सामना न करना पड़े।
पात्रता और योजना के तहत सहायता
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला श्रमिक होना चाहिए। राज्य सरकार ने पंजीयन की प्रक्रिया को आसान बनाया है ताकि पात्र व्यक्तियों को समय पर मदद मिल सके।
योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु और सामान्य मृत्यु दोनों ही स्थितियों में अलग-अलग सहायता राशि तय की गई है। इसके तहत दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिक के परिवार को 4 लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये दिए जाते हैं।
आवेदन और पंजीयन की प्रक्रिया
असंगठित श्रमिक योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन दर्ज करना होता है। प्रक्रिया पूरी होने और सत्यापन के बाद पात्र श्रमिकों का कार्ड जारी किया जाता है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को ₹4 लाख की सहायता
- सामान्य मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख का प्रावधान
- लाभार्थी का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य
- असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों के लिए योजना
- आधिकारिक पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
योजना से मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा
असंगठित क्षेत्र के परिवारों के लिए मुख्य कमाई करने वाले व्यक्ति की अचानक मृत्यु हो जाना एक बड़ा संकट होता है। ऐसे में संबल योजना के माध्यम से मिलने वाली यह राशि पीड़ित परिवार को तुरंत संबल देने का काम करती है। पात्र श्रमिक समय रहते अपना पंजीयन कराकर इस सरकारी सहायता का लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।





