उज्जैन में 272 भवन पर चौड़ीकरण की मार: CM यादव का पैतृक घर भी जद में
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते 272 मकानों पर चौड़ीकरण का असर पड़ेगा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक निवास भी शामिल है।
उज्जैन | आगामी सिंहस्थ 2028 महाकुंभ की तैयारियों ने शहर में हलचल मचा दी है। इसी कड़ी में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है, जिसकी जद में शहर के 272 भवनों पर चौड़ीकरण की मार पड़ने वाली है। इनमें एक नाम ऐसा भी है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है – यह है प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 1974 में बना पुश्तैनी मकान।
यह महत्वपूर्ण विकास कार्य खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक 730 मीटर लंबे मार्ग पर केंद्रित है। इस रास्ते को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
सड़क चौड़ीकरण का पूरा प्लान
प्रशासन द्वारा तैयार किए गए विस्तृत प्लान के अनुसार, खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक का मार्ग वर्तमान में काफी संकरा है। इसे भविष्य की जरूरतों को देखते हुए चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना से कुल 272 इमारतें प्रभावित होंगी, जिनमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के निर्माण शामिल हैं।
इस लिस्ट में सिर्फ मुख्यमंत्री का मकान ही नहीं, बल्कि शहर के सभापति का निवास भी शामिल है। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिना किसी भेदभाव के सभी आवश्यक निर्माणों को हटाया जाए ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
मुख्य बातें एक नज़र में
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण।
- खजूरवाली मस्जिद से गणेश चौक तक का मार्ग प्रभावित।
- 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा।
- कुल 272 भवन चौड़ीकरण की जद में आए।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी शामिल।
- सभापति का निवास भी प्रभावित होने वाली इमारतों में।
- कई भवन मालिक स्वयं अपने निर्माण हटा रहे हैं।
प्रभावित लोगों और प्रशासन की स्थिति
चौड़ीकरण के इस फैसले से कई स्थानीय लोग प्रभावित हुए हैं। कुछ भवन मालिकों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण का हिस्सा हटाना शुरू कर दिया है, जबकि अन्य प्रशासन के साथ बातचीत कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय जनहित में और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन की सफलता के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री के पैतृक निवास का इस सूची में होना यह दर्शाता है कि प्रशासन बिना किसी अपवाद के अपने नियमों का पालन कर रहा है। यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्षता का संदेश देता है।
निष्कर्ष
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां उज्जैन शहर में बड़े बदलाव ला रही हैं। सड़क चौड़ीकरण जैसी परियोजनाएं शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी, लेकिन साथ ही कई लोगों के जीवन पर सीधा असर भी डालेंगी। प्रशासन और स्थानीय निवासियों के बीच समन्वय से ही इन चुनौतियों का समाधान संभव हो पाएगा, ताकि महाकुंभ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।





