ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: समिति को साजिश का शक, SIT जांच की मांग
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में ट्रक हादसे में 15 की मौत हुई। प्रबंधन समिति ने आतंकी साजिश की आशंका जताकर SIT जांच मांगी, पर कोई सबूत नहीं दिया।
ग्वालियर | शीतला माता मंदिर हादसा अब सिर्फ़ सड़क दुर्घटना के सवाल तक सीमित नहीं रहा। मंदिर की प्रबंधन समिति ने इसके पीछे सुनियोजित आतंकी हमले की आशंका जताई है और विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की है।
18 अक्टूबर की देर रात करीब 1.30 बजे धान से भरा ट्रक पहाड़ी रास्ते पर फिसला और मंदिर के एंट्री गेट से टकरा गया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई और 43 लोग घायल हुए।
मौके पर हालात: कितना नुकसान
घायलों में होमगार्ड के 2 जवान भी हैं। ट्रक पहाड़ी रास्ते से फिसलते हुए सीधे मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा और वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए।
समिति के मुताबिक घटना के तुरंत बाद उससे जुड़े श्रद्धालुओं और दुकानदारों ने राहत और बचाव कार्य में हाथ बंटाया।
समिति ने क्या कहा
18 अक्टूबर को जारी आधिकारिक बयान में समिति अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर ने सवाल उठाया कि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक थी, तो रात करीब 1.30 बजे भीड़भाड़ वाले मेले में ट्रक कैसे घुस गया। समिति ने पूछा, “अगर मेले में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित था, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा?”
समिति ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक का आरोप लगाया। उसका कहना है कि जांचकर्ताओं को यह भी देखना चाहिए कि क्या धार्मिक आयोजन को निशाना बनाने की सोची-समझी साजिश थी।
ध्यान रहे, आतंकी हमले का आरोप समिति की ओर से लगाया गया है। उसके बयान में आतंकी हमले या किसी सुनियोजित साजिश को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं दिया गया है।
मुआवज़ा और कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। सरकार ने पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड भी किया है, लेकिन मंदिर प्रशासन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।
समिति ने अपनी ओर से मृतकों के परिवारों को 50,000 रुपये और हर घायल को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- 18 अक्टूबर की देर रात करीब 1.30 बजे धान से भरा ट्रक फिसलकर मंदिर के एंट्री गेट से टकराया।
- हादसे में 15 की मौत हुई, 43 घायल हैं; घायलों में होमगार्ड के 2 जवान शामिल हैं।
- राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
- समिति ने मृतकों के परिवारों को 50,000 और हर घायल को 10,000 रुपये देने की घोषणा की है।
- साजिश की आशंका के समर्थन में समिति ने कोई सबूत नहीं दिया है।
अब आगे क्या
समिति ने वाहनों के प्रवेश, सुरक्षा इंतजामों और मौतों की परिस्थितियों की गहन जांच की मांग की है। लापरवाही बरतने वालों या किसी साजिश में शामिल पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग भी उसने रखी है।





