महाकाल लोक में रात भर NSG का अभ्यास: 150 कमांडो उतरे
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में मुंबई से आई NSG की टीम ने रात 11 बजे से 2 बजे तक आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया।
उज्जैन | श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए देर रात महाकाल मंदिर NSG मॉक ड्रिल की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की मुंबई से आई टीम के करीब 150 कमांडो इसमें शामिल हुए।
अभ्यास रात करीब 11 बजे शुरू हुआ और मध्यरात्रि के बाद 2 बजे तक चलता रहा। मकसद था आपात हालात में सुरक्षा बलों की तैयारी और अलग-अलग एजेंसियों के तालमेल को जाँचना।
मौके पर कैसा रहा अभ्यास
पूरी तरह सुसज्जित कमांडो बुलेटप्रूफ वाहनों के साथ महाकाल लोक के नंदी द्वार पहुँचे। वहाँ वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को ऑपरेशन से जुड़ी ज़रूरी ब्रीफिंग दी।
इसके बाद कमांडो ने महाकाल लोक के मानसरोवर क्षेत्र से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच अलग-अलग रणनीतिक जगहों पर मोर्चा सँभाला। संभावित आपात स्थितियों से निपटने का सजीव अभ्यास किया गया।
प्रशासन ने क्या कहा
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की तत्परता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और एजेंसियों के आपसी तालमेल को परखना था।
आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल कितने असरदार हैं, इसका आकलन करने के लिए कमांडो ने असली आपात स्थिति जैसे हालात में अभ्यास किया।
मुख्य बातें एक नज़र में
- NSG की मुंबई टीम के करीब 150 कमांडो अभ्यास में शामिल हुए।
- ड्रिल रात करीब 11 बजे शुरू होकर 2 बजे तक चली।
- कमांडो बुलेटप्रूफ वाहनों के साथ नंदी द्वार पहुँचे।
- मानसरोवर क्षेत्र से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच मोर्चे सँभाले गए।
- एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने उद्देश्य बताया।
अब आगे क्या
महाकाल मंदिर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में इससे पहले भी उच्चस्तरीय सुरक्षा मॉक ड्रिल हो चुकी हैं।





