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374 निकायों में 1134 करोड़ की खरीदी: ऑडिट में कीमतों का बड़ा अंतर

22 अक्टूबर 2026 165 1 मिनट
374 निकायों में 1134 करोड़ की खरीदी: ऑडिट में कीमतों का बड़ा अंतर

मध्यप्रदेश के 374 नगरीय निकायों की तीन साल की खरीदी के ऑडिट में कचरा गाड़ी, LED बल्ब और फिनाइल की कीमतों में भारी अंतर मिला है।

भोपाल | मध्यप्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने जो सामान खरीदा, उसकी कीमतों में इतना फ़र्क़ निकला कि विभाग की बैठक में सवाल खड़े हो गए। तीन साल की खरीदी के ऑडिट में नगरीय निकायों की खरीदी का कुल आँकड़ा 1134 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।

प्रदेश भर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की विभागीय बैठक में यह मामला उठा। बताया गया कि अपर मुख्य सचिव संजय दुबे इस पर भड़क गए।

ऑडिट कैसे हुआ

विभाग ने पिछले तीन साल की खरीद का ऑडिट करवाया। जाँच का आधार केंद्र सरकार के GeM पोर्टल पर दर्ज ब्यौरा रहा।

एआई तकनीक की मदद से एक जैसे सामान की अलग-अलग कीमतें पकड़ी गईं।

कितना बच सकता था पैसा

जानकारी के मुताबिक अगर यही खरीदी औसत मूल्य पर होती, तो करीब 250 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे। इसके उलट निकायों के बीच कीमतों में काफ़ी अंतर मिला।

किस सामान में कितना फ़र्क़

कचरा गाड़ी: जो गाड़ी करीब 2 लाख रुपये की आती है, उसे 6 लाख रुपये में खरीदा गया। कुछ नगर पालिकाओं में 1 करोड़ रुपये तक की कचरा गाड़ी ली गई। कहा जा रहा है कि इतनी गाड़ियाँ चलाने लायक़ वार्ड ही नहीं हैं।

LED बल्ब: 200 LED बल्ब की खरीद पर 60 लाख रुपये का बिल बना। एक निकाय ने 60 वाट की LED 306 रुपये प्रति यूनिट में खरीदी, जबकि भोपाल में यही लाइट 11 हजार रुपये की बताई गई है।

फिनाइल: एक जगह यह 5 रुपये प्रति लीटर में खरीदी गई, जबकि दूसरी जगह इसकी कीमत 33,500 रुपये दर्ज है।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • 374 नगरीय निकायों में कुल 1134 करोड़ रुपये की खरीदी हुई।
  • औसत मूल्य पर खरीद होती तो करीब 250 करोड़ रुपये बच सकते थे।
  • 2 लाख रुपये की कचरा गाड़ी 6 लाख रुपये में खरीदी गई।
  • 200 LED बल्ब पर 60 लाख रुपये का बिल बना।
  • फिनाइल 5 रुपये से 33,500 रुपये प्रति लीटर तक दर्ज हुआ।

अब आगे क्या

इन आँकड़ों के बाद नगरीय निकायों की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। अब नज़र इस पर है कि विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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