5 नवंबर 2026 उज्जैन · मध्यप्रदेश
दृष्टि इंडिया न्यूज़ DRISHTI INDIA NEWS · उज्जैन सब्सक्राइब
ब्रेकिंग
ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940

रतलाम के पलसोड़ी में 3 साल की मनीषा को कुत्तों ने नोंचा, मौत

23 अक्टूबर 2026 150 1 मिनट
रतलाम के पलसोड़ी में 3 साल की मनीषा को कुत्तों ने नोंचा, मौत

रतलाम के पलसोड़ी गांव में गुरुवार शाम आंगन में खेल रही तीन साल की मनीषा पर आवारा कुत्तों ने हमला किया, अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।

रतलाम | पलसोड़ी गांव के एक घर के आंगन में गुरुवार शाम तीन साल की मनीषा खेल रही थी। तभी दो-तीन आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह आवारा कुत्तों का हमला एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया है।

मनीषा अपने दादा-दादी के पास गांव में रहती थी। उसके माता-पिता मजदूरी के लिए राजस्थान के अजमेर गए हुए थे।

मौके पर हालात

दादा-दादी उस वक्त कुछ दूर खेत में काम कर रहे थे। बच्ची घर के आंगन में अकेली थी। दादा शंभू लाल के मुताबिक कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला किया और वह रोते हुए इधर-उधर भागने की कोशिश करने लगी।

रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंचे और कुत्तों को भगाया। तब तक मनीषा गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। शंभू लाल ने बताया कि उसकी पीठ और पसली पर गहरे घाव थे।

बदहवास परिजन उसे रतलाम जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित किया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

पुलिस ने क्या कहा

दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि घायल बच्ची की अस्पताल लाने के दौरान मौत हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाया है।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • पलसोड़ी गांव में गुरुवार शाम तीन साल की मनीषा पर दो-तीन आवारा कुत्तों ने हमला किया।
  • पीठ और पसली पर गहरे घाव थे, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई।
  • माता-पिता मजदूरी के लिए अजमेर गए थे, बच्ची दादा-दादी के पास थी।
  • रतलाम मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में रोज 15 से 20 डॉग बाइट के मामले आ रहे हैं।
  • पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम करवाया।

अब सवाल व्यवस्था पर

रतलाम में डॉग बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मामले दर्ज हो रहे हैं।

एक साल पहले शायर चबूतरा क्षेत्र में शाहरुख हुसैन को स्ट्रीट डॉग ने काटा था। रेबीज होने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्चों पर हमले की एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में भी आवारा पशुओं और कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है, पर स्थानीय प्रशासन के पास कोई ठोस समाधान नहीं है।

ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940
ADVERTISE HEREअपना विज्ञापन यहाँ दिखाएँसंपर्क करें: 9425915940