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भोपाल मास्टर प्लान 2047: 5,000 से ज्यादा आपत्तियां, मोहलत की मांग

24 अक्टूबर 2026 140 1 मिनट
भोपाल मास्टर प्लान 2047: 5,000 से ज्यादा आपत्तियां, मोहलत की मांग

भोपाल मास्टर प्लान 2047 के प्रारूप पर 5,000 से ज्यादा आपत्तियां आई हैं। लगातार छुट्टियों के कारण संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने अंतिम तारीख 27 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है।

भोपाल | भोपाल मास्टर प्लान 2047 के प्रारूप पर आपत्ति और सुझाव देने की अंतिम तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है। अब तक 5,000 से ज्यादा आपत्तियां मिल चुकी हैं। ऑनलाइन दावे-आपत्तियां शनिवार रात 12 बजे तक दर्ज की जा सकेंगी।

मांग उठ रही है कि लगातार छुट्टियों को देखते हुए समय-सीमा बढ़ाई जाए। विभाग ने अभी इस पर कोई फैसला पक्का नहीं बताया है।

तारीख पर क्यों उठा सवाल

मास्टर प्लान का प्रारूप 25 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। आपत्ति और सुझाव के लिए 30 दिन तय किए गए हैं।

संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के संयोजक और याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी के मुताबिक, प्रकाशन का दिन छोड़कर गिनने पर अंतिम तारीख 25 अक्टूबर बनती है। 24 से 26 अक्टूबर तक अवकाश है। समिति ने इसी आधार पर अंतिम तारीख 27 अक्टूबर तक बढ़ाने को कहा है।

पर्यावरणविद राशिद नूर खान ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने मध्यप्रदेश सामान्य खंड अधिनियम, 1957 की धारा 7 का हवाला दिया है। उनका कहना है कि अंतिम दिन कार्यालय बंद हो और प्रावधान लागू हो, तो 27 अक्टूबर को दी गई आपत्तियां समय-सीमा के भीतर मानी जाएं।

क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश को आवेदन दिया है। उन्होंने काउंटर, ईमेल और पोर्टल पर आवेदन लेने की तारीख और समय लिखित में बताने की मांग की है। रसीद पर तारीख, समय और आवक नंबर दर्ज करने को भी कहा है, ताकि तकनीकी परेशानी या दफ्तर बंद होने से किसी की आपत्ति न छूटे।

शाहपुरा में किसानों और रहवासियों की भीड़

शाहपुरा स्थित टीएनसीपी कार्यालय में पिछले दो दिनों से आपत्ति दर्ज कराने वाले पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के साथ व्यापारी और रहवासी भी आए।

किसानों ने अपनी कृषि भूमि के भविष्य पर चिंता जताई। अनोखी सिंह पटेल के मुताबिक, खेती किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन है। किसानों की मांग है कि भोजताल संरक्षण जोन-1 और जोन-2 (बीआईजेड-1 और बीआईजेड-2) हटाए जाएं और कृषि भूमि का भू-उपयोग कृषि ही रहे।

उनका आरोप है कि ड्राफ्ट में बड़े तालाब के आसपास की कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव का प्रस्ताव है। बाकी लोगों ने निर्माण और सड़क से जुड़े प्रस्तावों पर आपत्तियां दर्ज कराईं।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • प्रारूप पर 5,000 से ज्यादा आपत्तियां मिली हैं।
  • ऑनलाइन आपत्तियां शनिवार रात 12 बजे तक दर्ज हो सकेंगी।
  • समिति ने अंतिम तारीख 27 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है।
  • सबसे ज्यादा आपत्तियां बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया, कृषि भूमि के भू-उपयोग, भोजताल संरक्षण जोन और सड़कों की चौड़ाई पर हैं।
  • तारीख बढ़ाने पर विभाग का निर्णय अभी पुष्ट नहीं हुआ है।

अब आगे क्या

आपत्तियों की छंटनी में करीब 15 दिन लगने का अनुमान है। इसके बाद सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया जाएगा। तब तक नजर इस पर रहेगी कि विभाग अंतिम तारीख बढ़ाता है या नहीं।

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