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करवा चौथ पूजा में करवा टूटे या सामग्री छूटे तो क्या करें? जानें उपाय

29 अक्टूबर 2026 142 3 मिनट
करवा चौथ पूजा में करवा टूटे या सामग्री छूटे तो क्या करें? जानें उपाय

करवा चौथ की पूजा के बीच मिट्टी का करवा टूट जाए या कोई सामग्री छूट जाए, तो मान्यताओं के अनुसार घबराने की ज़रूरत नहीं, सरल उपाय मौजूद हैं।

करवा चौथ की शाम पूजा चल रही हो और हाथ से करवा गिरकर टूट जाए, तो मन में घबराहट होना स्वाभाविक है। ऐसे ही थाली सजाते वक्त कोई सामग्री रखना भूल जाना भी आम चूक है। करवा चौथ पूजा में करवा टूटने पर इसे अपशकुन मानकर विचलित होने की ज़रूरत नहीं है।

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी भूल होने पर कुछ सरल उपाय करके दोष निवारण किया जा सकता है। व्रती महिलाएं सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को माता पार्वती, भगवान शिव, कार्तिकेय और गणेश जी की पूजा करती हैं।

करवा टूट जाए तो मौके पर क्या करें

पूजा में करवा सबसे अहम माना जाता है। मिट्टी का करवा टूटे और घर में दूसरा नया करवा हो, तो उसे गंगाजल से शुद्ध करके इस्तेमाल करें।

दूसरा करवा न मिले तो पूजा घर में रखा पीतल, तांबा या चांदी का लोटा लें। उस पर कलावा (मौली) बांधें, रोली से स्वास्तिक बनाएं और उसे करवे का स्वरूप देकर पूजा पूरी करें।

इसके बाद हाथ जोड़कर माता गौरी और भगवान गणेश से कहें कि यह भूल अनजाने में हुई है, पूजा स्वीकार करें और अपराध क्षमा करें।

टूटे करवे को आदरपूर्वक पूजा स्थल से हटाकर अलग रख दें। अगले दिन उसे गमले में या बहते जल में विसर्जित करें, कचरे में न फेंकें।

सामग्री छूट जाए तो क्या करें

सिंदूर, रोली, अक्षत, सींक, छलनी या भोग में से कुछ छूट जाए, तो शास्त्रीय नियम के अनुसार उसकी जगह पीले चावल (अक्षत) या पुष्प अर्पित करें। साथ में कहें कि अमुक वस्तु की जगह यह अक्षत या पुष्प स्वीकार करें।

चंद्रमा निकलने में समय बाकी हो और छलनी या सींक जैसी चीज़ छूट गई हो, तो आसपास की किसी अन्य व्रती महिला से साझा कर लें।

मान्यता है कि ईश्वर भाव देखते हैं। सामग्री छूट भी जाए, तो शुद्ध हृदय से किया गया ध्यान उस कमी को पूरा कर देता है।

मुख्य बातें एक नज़र में

  • मिट्टी का दूसरा करवा हो तो गंगाजल से शुद्ध कर उपयोग करें।
  • दूसरा करवा न हो तो पीतल, तांबा या चांदी के लोटे पर मौली और रोली का स्वास्तिक बनाकर करवा बनाएं।
  • टूटा करवा अगले दिन गमले या बहते जल में विसर्जित करें।
  • छूटी सामग्री की जगह पीले चावल या पुष्प अर्पित करें।
  • पूजा के अंत में क्षमा प्रार्थना मंत्र का जप करें।

पूजा के बाद दोष निवारण और आगे क्या

पूजा और अर्घ्य पूरा होने पर अनजानी गलती के दोष से बचने के लिए क्षमा प्रार्थना मंत्र पढ़ें: "आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥"

अगली सुबह किसी जरूरतमंद या सुहागिन ब्राह्मण महिला को सुहाग सामग्री, अनाज और दक्षिणा का दान करें। ये जानकारी मान्यताओं पर आधारित है, इसलिए अमल से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

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